प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना: शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग के तहत युवाओं के लिए सुनहरा मौका
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना: शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग के तहत युवाओं के लिए सुनहरा मौका
Updated: 8 सितंबर 2025 | सरकार की प्रमुख Skill India योजना – प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम से हर साल लाखों युवा अपना करियर बदल रहे हैं। इस रिपोर्ट में जानिए 2025 के लेटेस्ट डेटा, योग्यता, आवेदन प्रोसेस, और रोजगार व इम्प्लॉयमेंट के आंकड़े।
मौजूदा स्थिति व ट्रेंड (सितंबर 2025)
PMKVY (Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana) देश के 15-45 आयु के बेरोजगार व स्कूल/कॉलेज ड्रॉपआउट्स को फ्री, NSQF अलाइन शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग देता है। योजना के तहत टेक्निकल, डिजिटल, हेल्थ, हॉस्पिटैलिटी, असेसमेंट, फाइनेंस, और एंटरप्रेन्योरशिप में 150-600 घंटे के कोर्स उपलब्ध हैं।
2025 के डेटा के अनुसार 1.6 करोड़+ युवक/युवतियां ने प्रशिक्षण लिया। इसमें 13,715 ट्रेनिंग सेंटर और 6,496 ट्रेनिंग पार्टनर्स सक्रिय हैं। इस साल 476,730 से अधिक नए उम्मीदवार नामांकित हुए हैं।
- प्रत्येक उम्मीदवार को औसतन ₹8,000 फीस सरकार की ओर से दी जाती है
- 50,000+ युवाओं को पिछले 12 महीनों में प्रमाणपत्र मिला
- 2025 में शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग का फोकस: टेकी, हेल्थ व ऑटो सेक्टर
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
PMKVY शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग युवाओं व महिलाओं को रोज़गार व आजीविका के नए रास्ते खोलती है। फ्री ट्रेनिंग, सर्टिफिकेशन, और प्लेसमेंट (रोज़गार मेला, ऑनलाइन अप्लाई, एंटरप्रेन्योरशिप)। 43% युवाओं को प्लेसमेंट सपोर्ट मिला है।
विभिन्न सेक्टर में उम्मीदवारों की अपस्किलिंग, जॉब रेडी बनाने के लिए राष्ट्रीय सर्टिफिकेट मिलता है, जो देशभर में मान्य है।
- Skill Card और डिजिटल सर्टिफिकेट
- इम्प्लॉयमेंट व स्वयं-रोजगार के विकल्प
- District-level skill gap studies और स्थानीय रोजगार मेलों का आयोजन
एक्सपर्ट राय और आंकलन
अर्थशास्त्री और स्किल सेक्टर विशेषज्ञ की राय
- 2022–2025 के बीच 43% युवाओं को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार/एंटरप्रेन्योरशिप का मौका मिला
- तमिलनाडु, यूपी, महाराष्ट्र – ट्रेनिंग और प्लेसमेंट में अग्रणी राज्य
- सेक्टर स्किल काउंसिल्स ने कोर्स कंटेंट में इंडस्ट्री डॉक्यूमेंटेशन को आगे बढ़ाया
- PMKVY 4.0 के तहत जॉब रोल-आधारित Continuous Monitoring
संभावित परिदृश्य
- 2025–26 में एंप्लॉयमेंट मेले व डिजिटल हब के ज़रिए ज्यादा युवाओं को नौकरी के मौके
- इंडस्ट्री के साथ MoU और ओन-दा-जब ट्रेनिंग का विस्तार
- रोज़गार के अतिरिक्त स्वयं-रोजगार व स्टार्टअप को भी बढ़ावा
सरकारी स्किल कोर्स व आवेदन जानकारी प्राप्त करें
जोखिम और चेतावनी
सिर्फ 43% स्किल्ड उम्मीदवारों को ही प्रत्यक्ष रूप से नौकरी मिल रही है, जिससे Curricula व इंडस्ट्री Skill Gap बना हुआ है।
रोज़गार प्राप्त करने में राज्य, सेक्टर व स्थानीय मांग का भी प्रभाव है। लंबे समय के लिए कोर्स कंटेंट में बदलाव व इम्प्लॉयर्स के साथ अधिक नेटवर्सिंग ज़रूरी है।
सरकार ने district-level skill studies शुरू की है ताकि स्थानीय जरूरत के हिसाब से कोर्स हों और ज्यादा प्लेसमेंट हों।
भविष्य की दिशा (सितंबर 2025 व आगे)
PMKVY 4.0 के तहत Multi-pronged Career Guidance, Rozgar Mela, और Skill Digital Hub के जरिए अगले 12 महीने में 5 लाख+ युवाओं को ट्रेनिंग और प्लेसमेंट की उम्मीद दी जा रही है।
सेक्टर स्किल काउंसिल्स, डिजिटल सर्टिफिकेशन, और मार्केट डिमांड आधारित कोर्स स्किल India मिशन की सफलता बढ़ाएंगे।
- 2025–26 में महिलाओं और ग्रामीण युवाओं पर विशेष ध्यान
- उद्यमिता व स्वयं-रोजगार को भी योजना में मुख्य स्थान
- सरकारी ग्रांट व वित्तीय सहायता, मिल रही है जॉब-रेडी बना रही है
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निष्कर्ष
PMKVY का शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग कार्यक्रम युवाओं के जीवन और भविष्य को बदलने वाला है। देश में रोजगार, सक्षमता व आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।TAZA PRIME KHABAR के साथ बने रहें हर पल की ताज़ा खबर के लिए।