आज की सबसे बड़ी खबर मिस न करें — हमास ने 7 इज़राइली बंधक पहली बार रिहा, ट्रम्प कुछ ही देर में इज़राइल में!
आज की सबसे बड़ी खबर मिस न करें — हमास ने 7 इज़राइली बंधक पहली बार रिहा, ट्रम्प कुछ ही देर में इज़राइल में!
गाज़ा संघर्ष में नया मोड़, हमास ने पहली बार बंधकों को सौंपा, ट्रम्प इज़राइल पहुंचे
मुख्य बातें
• हमास ने 7 इज़राइली बंधकों को रेड क्रॉस के हवाले किया, पहली बार ऐसा हुआ
• अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इज़राइल पहुंचे, बंधकों के परिजनों से मुलाकात होगी
• गाज़ा संघर्ष विराम चौथे दिन भी प्रभावी, इलाके में जश्न और राहत का माहौल
TAZA PRIME KHABAR | आप तक हर पल की ताज़ा खबर
गाज़ा और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष में सोमवार को एक बड़ा मोड़ आया। वर्षों के हिंसक टकरावों के बाद, आज हमास ने पहली बार सात इज़राइली बंधकों को रेड क्रॉस के माध्यम से रिहा किया है। इन बंधकों की सुरक्षित वापसी के साथ ही, गाज़ा संघर्ष विराम अपने चौथे दिन भी प्रभावी दिखाई दी। यह घटनाक्रम पूरे क्षेत्र के लिए राहत और उम्मीद की नयी किरण लेकर आया है। इज़राइल-गाज़ा सीमा पर जश्न का माहौल है, जबकि तेल अवीव के Hostages Square में हज़ारों लोग फहराते झंडों के साथ एकत्र हैं।
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन सात बंधकों को सोमवार सुबह रेड क्रॉस के हवाले किया गया, वे वे सभी इज़राइल की सेना द्वारा रिहा किए जा रहे फिलिस्तीनी कैदियों के बदले छोड़ दिए गए हैं। हमास की घोषणा के अनुसार, अगली कुछ घंटों में और भी बंधकों की रिहाई संभव है। इस प्रक्रिया का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) द्वारा किया जा रहा है, जो गाज़ा के अंदर निर्धारित बिंदुओं पर बंधकों को इज़राइली सेना तक पहुंचा रही है।
क्षेत्र में सैकड़ों लोग, जिसमें कई हैं जो अपने प्रियजनों की वापसी के इंतजार में थे, राहत और खुशी से भर उठे।
इज़रायली रक्षा बलों ने भी बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए ‘ओपरेशन रिटर्निंग होम’ चलाया, जिसमें बंधकों को हेलिकॉप्टर से केंद्रीय हॉस्पिटल त्वरित चिकित्सा जांच के लिए ले जाया जाएगा। तेल अवीव और देशभर के मुख्य चौराहों पर इस खबर के फैलते ही भावुक दृश्य दिखे, कई लोग बैंड और पोस्टर लेकर ‘ब्रिंग देम होम’ के नारे लगा रहे थे।
इस बीच, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ऐतिहासिक दौरा भी चर्चा में रहा। ट्रम्प कुछ ही घंटों में इज़राइल पहुंचने वाले हैं, जहां वे बंधकों के परिवारों से मुलाकात करेंगे और ऐतिहासिक केंसेट (Knesset) को भी संबोधित करेंगे। अमेरिकी प्रशासन ने इस संघर्ष विराम और बंधक सौंपने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इज़राइल और हमास के बीच यह संघर्ष विराम शुक्रवार को शुरू हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई रोकने, और जीवन बचाने के वैश्विक दबाव को स्वीकार किया। समझौते के मुताबिक, इज़राइल लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने को तैयार है। वहीं, हमास ने भी अपने कब्जे वाले 20 इज़राइली बंधकों की स्थिति सार्वजनिक की है, जिनमें आज की पहली रिहाई हुई है। बताया जा रहा है कि शेष बंधकों को भी अगले 48 घंटों में छोड़ा जा सकता है।
गाज़ा में हालात फिलहाल शांतिपूर्ण हैं, हालांकि कई इलाकों में भारी विनाश और मानवीय संकट बरकरार है। इंटरनेशनल सहायता एजेंसियों के अनुसार, संघर्ष के दौरान क्षतिग्रस्त इलाकों में राहत सामग्री लगातार पहुंचाई जा रही है। सोमवार को टनों मानवीय मदद वाले ट्रक गाज़ा के दक्षिणी क्रॉसिंग पॉइंट पर देखे गए।
फिलिस्तीन और इस्राइली दोनों समुदायों में आज राहत व उम्मीद का माहौल बना है, हालांकि परिवार अब भी बचे अन्य बंधकों की सलामती को लेकर चिंतित हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प के आगमन पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। वे केंसेट में अपने संबोधन के दौरान शांति, मानवता और मध्य पूर्व की स्थिरता की अपील कर सकते हैं। वहीं, उनका यह कदम उनके वैश्विक नेतृत्व की छवि और अमेरिकी विदेश नीति का अहम पड़ाव बन सकता है। इस शांति प्रक्रिया पर उच्च राजनीतिक महत्व भी टिका है, क्योंकि इसके तहत वैश्विक नेता मंगलवार को मिस्र के शर्म-अल-शेख सम्मेलन में भी जुटेंगे।
भविष्य की दृष्टि से देखें तो इस संघर्ष विराम और बंधक रिहाई के बाद गाज़ा और इज़राइल के बीच संबंधों में नई शुरुआत की संभावना दिख रही है। दोनों देशों के आम लोग, विशेषकर वे परिवार जो दो वर्षों से अपने स्वजन की वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें अब सुकून मिला है। यह राहत अगले कुछ दिनों में और बड़ी बन सकती है, अगर शेष बंधकों की भी सुरक्षित वापसी होती है।
हालांकि, निरीक्षक मानते हैं कि यह प्रक्रिया लंबी और कई चुनौतियों से भरी रह सकती है। क्षेत्रीय स्थिरता, हिरासत में मौजूद लोगों के प्रति न्याय और ज़मीनी परिस्थितियों में बदलाव – इन सब पर अगले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय ध्यान बना रहेगा।
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