मुंबई पवई Ra Studio होस्टेज केस: रोहित आर्य ने बच्चों को बंधक बनाया | अक्टूबर 2025 अपडेट
मुंबई पवई Ra Studio होस्टेज केस: रोहित आर्य ने बच्चों को बंधक बनाया | अक्टूबर 2025 अपडेट
अक्टूबर 2025 में Powai के Ra Studio में 17 बच्चों को बंधक बनाए जाने की घटना: पुलिस की तेज कार्रवाई से सभी सुरक्षित, मुंबई में हड़कंप
मुख्य बातें
– मुंबई के पवई Ra Studio में 17 बच्चों को रोहित आर्य ने बंधक बनाया, घटना अक्टूबर 2025 की है
– पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, आरोपी की मौत हो गई
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मुंबई के पवई इलाके में स्थित Ra Studio में गुरुवार दोपहर एक भयानक घटना घटी जब एक व्यक्ति, रोहित आर्य, ने 17 बच्चों और दो वयस्कों को बंधक बना लिया। यह मामला Mahavir Classic बिल्डिंग के भीतर हुआ, जहां बच्चों का ऑडिशन चल रहा था। अचानक दशकों में शायद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को बंधक बनाए जाने की घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों की उम्र 10 से 15 साल के बीच थी और वे अलग-अलग जिलों (नवी मुंबई, कोल्हापुर, सतारा, सांगली आदि) से सुबह ऑडिशन देने आए थे। काफी समय तक बच्चे बाहर नहीं निकले तो चिंतित अभिभावकों ने पुलिस को सूचित किया। देखते ही देखते Mahavir Classic बिल्डिंग के बाहर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की भीड़ जुट गई।
रिपोर्ट के अनुसार, रोहित आर्य स्वयं एक्टिंग कोच और “मोटिवेशनल स्पीकर” था, जो पिछले कुछ दिनों से Ra Studio में बच्चों के लिए वेब सीरीज़ ऑडिशन का आयोजन कर रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने पहले भी एजुकेशन डिपार्टमेंट के साथ एक प्रोजेक्ट किया था, लेकिन कथित तौर पर भुगतान न होने से नाराज़ था। इस नाराज़गी को लेकर उसने कई बार मंत्री के घर के बाहर धरना दिया, और शायद इसी वजह से उसने यह घटनाक्रम किया।
घटना के दौरान, आरोपी ने बार-बार धमकी दी कि वह खुद को और बच्चों को नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस ने दो घंटे तक उसे शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब वह असहयोगी बना रहा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थिति और तनावपूर्ण हुई तो पुलिस ने रणनीतिक कार्रवाई की। पुलिस की Quick Response Team ने बाथरूम के रास्ते छोटी जगह से घुसकर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
चलती घटना के बीच रोहित आर्य ने एयरगन का इस्तेमाल किया और पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उन्हें गोली मार दी। आरोपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बाद में उसकी मृत्यु हो गई। सभी बच्चे सुरक्षित हैं, उन्हें उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने घटनास्थल से एयरगन, केमिकल स्प्रे और कुछ अन्य संदिग्ध उपकरण बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में पाया गया कि रोहित आर्य ने स्टूडियो को सिर्फ चार दिन पहले किराए पर लिया था और ऑडिशन के बहाने बच्चों को बुलाया था। उसे बकाया रु. 2 करोड़ की राशि की शिकायत थी, जिसे वह किसी मंत्री या विभाग से चाहता था।
घटनास्थल से पकड़े गए वीडियोज़ और बयान दर्शाते हैं कि रोहित आर्य की मानसिक स्थिति तनावपूर्ण थी, और उसने “न्याय” और अपने “मोरल डिमांड्स” को लेकर कई बार शिकायत की थी। उसका मुख्य उद्देश्य शायद मीडिया और प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचना था, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालना गंभीर अपराध है।
महाराष्ट्र पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिना किसी बड़े नुकसान के बच्चों को बाहर निकाला। स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ऐसी घटनाओं से समाज में चिंता बढ़ जाती है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल, ऑडिशन और स्टूडियो जैसी जगहों पर अतिरिक्त सतर्कता रखना आवश्यक है।
वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार और शिक्षा विभाग ने आरोपी के दावों को अस्वीकृत करते हुए कहा है कि उसके द्वारा दी गई परियोजना की डिटेल्स और दस्तावेज़ अधूरे थे, जिसके कारण भुगतान जारी नहीं किया गया था। पुलिस द्वारा सभी बच्चों व अन्य दोनों वयस्कों का प्राथमिक मेडिकल परीक्षण कराया गया, सभी सुरक्षित और स्वास्थ्यपूर्ण हैं।
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