Skoda Octavia RS 2025: सिर्फ 100 लोग ही चला पाएंगे ये कार, लॉन्च कल!
Skoda Octavia RS 2025: सिर्फ 100 लोग ही चला पाएंगे ये कार, लॉन्च कल!
नई दिल्ली: भारत में परफॉर्मेंस सेडान के दीवानों का इंतजार खत्म होने वाला है। स्कोडा (Skoda) अपनी सबसे प्रतिष्ठित कार, ऑक्टेविया आरएस (Octavia RS) को 17 अक्टूबर, 2025 को भारतीय बाजार में लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसकी सीमित 100 यूनिट्स की बुकिंग शुरू होते ही पूरी हो चुकी है।
उद्योग जगत से मिली ताज़ा खबर के अनुसार, चेक गणराज्य की वाहन निर्माता स्कोडा ऑटो इंडिया 17 अक्टूबर को बहुप्रतीक्षित नई जनरेशन की स्कोडा ऑक्टेविया आरएस का भारतीय संस्करण लॉन्च करेगी। यह लॉन्च ऐसे समय में हो रहा है जब देश में हाई-परफॉर्मेंस, लग्जरी और स्पोर्टी कारों की मांग लगातार बढ़ रही है। सबसे बड़ी खबर यह है कि कंपनी ने ‘कंप्लीट्ली बिल्ट यूनिट’ (CBU) मार्ग से आयात की जाने वाली 100 यूनिट्स के पहले बैच की प्री-बुकिंग शुरू की थी, जो अनुमान से कहीं तेज़ी से बिक गई।
क्यों है ऑक्टेविया RS की इतनी मांग?
ऑक्टेविया आरएस का भारतीय ऑटोमोटिव इतिहास में एक ‘कल्ट’ का दर्जा रहा है। यह कार 2004 में भारत की पहली किफायती टर्बो-पेट्रोल पैसेंजर कार के रूप में आई थी, जिसने परफॉर्मेंस ड्राइविंग को एक नया आयाम दिया। इसके बाद 2020 में आई RS 245 मॉडल ने भी लिमिटेड एडिशन के बावजूद ज़बरदस्त सफलता हासिल की थी। स्कोडा इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि RS सिर्फ एक मॉडल नहीं है, यह भारत में ब्रांड की परफॉर्मेंस लिगेसी का प्रतीक है, और नई RS 265 इस विरासत को और मजबूत करेगी।
इस नई परफॉर्मेंस सेडान की एक्स-शोरूम कीमत 50 लाख रुपये से 55 लाख रुपये के बीच होने की उम्मीद है। यह कीमत, हालांकि पिछली RS 245 से काफी अधिक है, लेकिन इसके अपग्रेडेड फीचर्स, ग्लोबल टेक्नोलॉजी और CBU आयात शुल्क को देखते हुए इसे उचित माना जा रहा है। बाजार के विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कीमत इसे सीधे मर्सिडीज-बेंज ए-क्लास लिमोसिन और बीएमडब्ल्यू 2-सीरीज़ ग्रैन कूप जैसी प्रीमियम एंट्री-लेवल लग्जरी सेडान के मुकाबले में खड़ा कर देगी।
इंजन और परफॉर्मेंस: 265PS की धमक
नई ऑक्टेविया आरएस के दिल में 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल टीएसआई (TSI) इंजन है, जो 265 हॉर्सपावर (PS) की ताकत और 370 न्यूटन मीटर (Nm) का पीक टॉर्क पैदा करता है। यह इंजन 7-स्पीड डीएसजी (DSG) ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में इसे मात्र 6.4 सेकंड का समय लगता है, जबकि इसकी टॉप स्पीड 250 किमी/घंटा पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से सीमित है। इस इंजन को परफॉर्मेंस के साथ-साथ BS VI 2.0 उत्सर्जन मानकों को पूरा करने के लिए भी ट्यून किया गया है।
कार के डिज़ाइन को देखकर इसकी स्पोर्टी अपील साफ झलकती है। इसमें आरएस-स्पेसिफिक बंपर, बड़ा ब्लैक-आउट ग्रिल, रियर स्पॉइलर और 19-इंच के ड्यूल-टोन अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। इंटीरियर में ऑल-ब्लैक थीम, कंट्रास्ट स्टिचिंग के साथ स्पोर्ट्स सीटें, एल्युमीनियम पैडल और फ्लैट-बॉटम स्टीयरिंग व्हील मिलता है। तकनीकी रूप से यह 12.9-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वर्चुअल कॉकपिट (डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले) और प्रीमियम कैनटन साउंड सिस्टम से लैस है। हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध सनरूफ और डायनेमिक चेसिस कंट्रोल (DCC) जैसे फीचर्स भारत में CBU नियमों के कारण शायद मौजूद न हों।
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किससे होगी टक्कर और क्यों है यह खास?
भारतीय बाजार में स्कोडा ऑक्टेविया आरएस का सीधा कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं है, क्योंकि यह परफॉर्मेंस और प्रीमियम फीचर्स का एक अनूठा मिश्रण पेश करती है। लेकिन कीमत और सेगमेंट के आधार पर इसका मुकाबला मुख्य रूप से टोयोटा कैमरी (हाइब्रिड), ऑडी ए4, बीएमडब्ल्यू 2-सीरीज ग्रैन कूप और मर्सिडीज-बेंज ए-क्लास लिमोसिन जैसी प्रीमियम सेडान से होगा। ऑटो विश्लेषकों का कहना है कि आरएस उन उत्साही ग्राहकों को आकर्षित करेगी जो ‘स्लीपर’ कार चाहते हैं—यानी ऐसी कार जो बाहर से प्रीमियम सेडान दिखे, लेकिन ट्रैक पर एक स्पोर्ट्स कार की तरह प्रदर्शन करे।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑक्टेविया आरएस (RS) को जो चीज़ सबसे खास बनाती है, वह इसका ‘ऑल-इन-वन’ पैकेज है। यह एक रोज़मर्रा की उपयोगिता वाली 5-सीटर सेडान है जिसमें 600 लीटर का विशाल बूट स्पेस मिलता है, साथ ही यह एक रेसट्रैक के लिए तैयार मशीन की तरह भी परफॉर्म करती है। लिमिटेड यूनिट्स और CBU इम्पोर्ट होने के कारण, इसे भारतीय ग्राहकों के लिए एक विशेष ‘कलेक्टर एडिशन’ का दर्जा प्राप्त हो गया है, जो इसकी जबरदस्त प्री-बुकिंग सफलता का मुख्य कारण भी है। यह स्कोडा के ‘सिम्प्ली क्लेवर’ टच और उच्च सुरक्षा रेटिंग (यूरो NCAP 5-स्टार) के साथ आती है, जिससे यह सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और व्यावहारिक भी है।
अब जबकि इसकी 100 यूनिट्स की बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है, बाजार में यह मांग उठ रही है कि स्कोडा को ऑक्टेविया आरएस की और यूनिट्स भारत में आयात करनी चाहिए। कंपनी ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उद्योग पर कड़ी नज़र रखने वाले लोगों का मानना है कि मांग को देखते हुए स्कोडा भविष्य में सीमित बैच में और यूनिट्स लाने पर विचार कर सकती है। लॉन्च के बाद इसकी डिलीवरी नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है। ताज़ा प्राइम खबर की टीम 17 अक्टूबर, 2025 को होने वाले आधिकारिक लॉन्च पर नवीनतम अपडेट के लिए तैयार है।
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अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई मूल्य सीमा (₹50-55 लाख) और लॉन्च तिथि (17 अक्टूबर 2025) संभावित और बाजार के अनुमानों पर आधारित हैं। स्कोडा ऑटो इंडिया की आधिकारिक घोषणा के बाद अंतिम विवरण में बदलाव संभव है।